1. वल्लि अम्माल का चरित्र-चित्रण करें।

उत्तर – वल्लि अम्माल इस कहानी की प्रधान पात्र है। वह पूर्ण अशिक्षित और वातावरण से अपरिचित भी है। देहाती वातावरण में रहने के कारण मुखर भी नहीं थी। वह पुराने देहात की, पुराने रिवाज में पली नारी थी। उसे अस्पताल का दौड़ और दवाओं का गंध भी असह्य था। उसे गाँव के अधकचरे झोला छाप वैद्य, डॉक्टरों, ओझाओं और देवी-देवताओं पर विश्वास था। वह शहरी वातावरण से अनभिज्ञ अशिक्षित और डरपोक प्राचीन भारतीय नारी थी।


2. बड़े डॉक्टर के आदेश के बावजूद पाप्पाति अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं हो पाती?

उत्तर – बड़े डॉक्टर ने पाप्पाति का रोग देखा । उसका परीक्षण कर एक्यूट केस ऑफ मेनिनजाइटिस कहा। रुग्ना की माँ अशिक्षित नारी थी। वह न तो अस्पताल की प्रक्रिया जानती थी और न किसी से पूछने की हिम्मत ही कर सकी। अस्पताल में घूसखोरी और पैरवी का वातावरण व्याप्त थी। वल्लि अम्माल का दिन भर का समय इधर-उधर दौड़ने में बीत गया और हारकर वह गाँव लौट गयी। यही कारण है कि बड़े डॉक्टर के आदेश के बावजूद पाप्पाति अस्पताल में भर्ती न हो सकी।


3. पाप्पाति कौन थी और वह शहर क्यों लायी गयी थी ?

उत्तर- पाप्पाति वल्लि अम्माल की पुत्री थी और गाँव के प्राइमरी हेल्थ सेन्टर के डॉक्टर के कथनानुसार मदुरै शहर के बड़े अस्पताल में चिकित्सा के लिए लायी गयी थी।


4. मदुरै का इतिहास क्या है ?

उत्तर – मदुरै पांडिय लोगों की दूसरी राजधानी थी। प्राचीन मानचित्रों में उसे मथरा लिखा गया है, अंग्रेजों ने उसे मदुरा कहकर पुकारा । यूनानी लोग उसे मदोरा कहते थे। वही आज तमिलनाडु का मदुरै नगर है।


5. बड़े डॉक्टर ने अस्पताल के बाबू को क्यों डाँटा ?

उत्तर-जब बड़े डॉक्टर को कहा गया कि उसे कल साढ़े सात बजे बुलाया गया है तो वह क्रोधित हो उठा क्योंकि वह पाप्पाति का परीक्षण कर रोग की गंभीरता जान चुका था। उसने सोचा कि बिना चिकित्सा के तो वह सुबह तक मर जायेगी। अतः अधीनस्थों को डाँटा और रोगी को खोजने के लिए कहा।


6.बड़े डॉक्टर ने अपने अधीनस्थ डॉक्टरों से पाप्पाति को अस्पताल में भर्ती कर लेने के लिए क्यों कहा ? विचार करें।

उत्तर- मदुरै अस्पताल के बड़े डॉक्टर ने पाप्पाति की अच्छी तरह परीक्षा करने से के बाद ‘एक्यूट केस ऑफ मेनिनजाइटिस’ रोग निर्णय किया, जो खतरनाक था। अतः उसने अपने अधीनस्थ डॉ० धनशेखरन को तुरंत एडमिट करने को कहा।


7. नगर शीर्षक कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करें।

उत्तर- ‘नगर’ शीर्षक कविता प्रतीक रूप में है। बल्लि अम्माल अपनी पुत्री को लेकर बड़े शहर मदुरै जाती है तो मरनासन है। नगर के लोग रुखे व्यवहार के है।  उसे एक स्थान पर खड़ा होकर रोने भी नहीं देते। गाँव में एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं। अतः अव्यावहारिक जीवन शैली का प्रतीक ‘नगर’ शीर्षक सार्थक है।