Category: SOCIAL SCIENCE GEO LONG SUB
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आपदा प्रबंधन
1. आपदा से आप क्या समझते हैं ? उत्तर – कुछ दुर्घटनाएँ ऐसी होती है जो बिना बुलाए अकस्मात आ धमकती है और अल्प समय में ही जन धन की अपार क्षति पहुँचा देती है। ये हमें संकट की स्थिति में ला देती है। संकट की स्थिति उत्पन्न करनेवाली ऐसी कोई भयावह घटना ‘आपदा’ कहलाती…
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मानचित्र अध्ययन
1. हैश्यूर से आप क्या समझते हैं? इसका प्रयोग किस काम के लिए किया जाता है ? उत्तर- मानचित्र बनाने में भूमि की ढाल दिखाने के लिए छोटी-छोटी और सटी रेखाओं से काम लिया जाता है, जिन्हें हैश्यूर कहते हैं। खड़ी ढाल प्रदर्शित करने के लिए अधिक छोटी और सटी रेखाएँ तथा धीमी ढाल प्रदर्शित…
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बिहार : कृषि एवं वन संसाधन
1. “कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए। उत्तर-बिहार में 90% लोग गाँवों में रहते हैं और यहाँ की 80% आबादी कषि पर निर्भर है। यह एक कृषि प्रधान राज्य है। झारखण्ड के अलग हो जाने के बाद बिहार के लोगों के लिए जीविका का मुख्य आधार कृषि ही है…
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परिवहन, संचार एवं व्यापार
1. भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन एवं संचार साधनों की महत्ता को स्पष्ट कीजिए। उत्तर-परिवहन एवं संचार के साधन भारत की अर्थव्यवस्था में महत्त्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं। इससे अर्थव्यवस्था को प्रगति की दिशा मिली है। परिवहन के साधन उपलब्ध रहने से कच्चे माल कारखाने तक एवं तैयार माल को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होती…
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निर्माण उद्योग
1. उद्योगों का विकास क्यों आवश्यक है ? उत्तर- उद्योगों के विकास से लोगों का जीवन स्तर ऊँचा उठता है। भारत में कृषि पर आधारित अनेक उद्योग स्थापित हैं। जैसे सूती-वस्त्र, चीनी उद्योग, चाय, कॉफी, जूट उद्योग आदि। कुछ उद्योग कृषि के विकास में लगे हैं, जैसे उर्वरक उद्योग। उद्योगों में आत्मनिर्भरता लाने के लिए…
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कृषि
1. भारतीय अर्थतंत्र में कषि का क्या महत्त्व है ? कषि की विशेषताओं पर प्रकाश डालें। उत्तर -भारतीय अर्थतंत्र में कृषि का निम्नलिखित महत्त्व हैं – (i) भारत की 70% आबादी रोजगार और आजीविका के लिए कृषि पर आश्रित है। (ii) देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद में कृषि का योगदान 22% ही है। फिर भी,…
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भारत : संसाधन एवं उपयोग
1. संसाधनों के विकास में ‘सतत् विकास’ की अवधारणा की व्याख्या करें। उत्तर ⇒ संसाधन मनुष्य की जीविका का आधार है। जीवन की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए संसाधनों के सतत विकास की अवधारणा आवश्यक है। संसाधन का प्रकृति का उपहार मानकर मानव ने इसका अंधा-धुंध उपयोग करना शरू किया, जिसके कारण पर्यावरणीय समस्याएँ…