Mindblown: a blog about philosophy.

  • नीतिश्लोकाः

    1. पण्डित किसे कहा गया है ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें। उत्तर- महात्मा विदुर ने पण्डित की व्याख्या बड़े ही रोचक ढंग से की है। उनके मतानुसार पण्डित का अभिप्राय ब्राह्मण या विद्वान से नहीं है। धर्म एवं कर्म प्रवचनीय पण्डित सर्वत्र नहीं होते हैं। जिसका कार्य शीत, ऊष्ण, भय, प्रेम समृद्धि…

  • भारतीयसंस्काराः

    1. भारतीय संस्कार का वर्णन किस रूप में हुआ है ? उत्तर- भारतीय संस्कृति अनूठी है। जन्म के पूर्व संस्कार से लेकर मृत्यु के बाद अन्त्येष्टि संस्कार का अनुपम उदाहरण संसार के अन्य देशों में नहीं है। यहाँ की संस्कृति की विशेषता है कि जीवन में यहाँ समय-समय पर संस्कार मनाये जाते हैं। आज संस्कार…

  • भारतमहिमा

    1. मातृभूमि का वर्णन किस रूप में किया गया है ? पठित पाठ के आधार पर लिखें। उत्तर – हिमालय की गोद में बसा हुआ ‘भारत निश्चय ही स्वर्ग-सा सुन्दर है । कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एकता एवं समदर्शिता का भाव दृष्टिगत होता है। यह मातृभूमि निर्मल एवं ममतामयी है । यहाँ लोग धर्म,…

  • संस्कृतसाहित्ये लेखिका

    1.’सर्व शुक्ला सरस्वती किसे कहा गया है’, और क्यों ? उत्तर– सर्वशक्ला सरस्वती, विजयाड़ा को कहा गया है । लौकिक संस्कृत में विजयाना की भूमिका सराहनीय है। उसके पदों की सौष्ठवता देखने में बनती है । एक असाधारण लेखिका की पराकाष्ठता से प्रभावित होकर ही दण्डी ने उसे सर्वशक्ला सरस्वती कहा है। विजयाना श्याम वर्ण…

  • अलसकथा

    1. अलसकथा का वर्णय विषय क्या है ? उत्तर- विद्यापति द्वारा रचित कथाग्रंथ ‘पुरुष परीक्षा’ नामक पुस्तक से लिया गया ‘अलसकथा’ मानव महत्व एवं दोषों के निराकरण की शिक्षा देता है। आलसियों को दान देने की इच्छा रखनेवाले बीरेश्वर ने यह जानने की उत्कंठा प्रकट की थी कि आलसी जीवन जीने की कला का कैसे…

  • पाटलिपुत्रवैभवम्

    1. प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में पाटलिपुत्र की ख्याति किस रूप में थी ? उत्तर- प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में और पुराणों में पाटलिपुत्र का नाम पुष्पपुर या कुसुमपुर माना जाता है। इस नगर के समीप पाटल पुष्पों का उत्पादन होता था । सभवतः पाटलिपुत्र शब्द भी यहाँ पाटल पुष्पों के पल्लवित होने के कारण प्रचारित है…

  • मङ्गलम्

    1. उपनिषद् का क्या स्वरूप हैं ? पठित पाठ के आधार पर स्पष्ट करें। उत्तर – उपनिषद् वैदिक वाङ्मय का अभिन्न अंग है। इसमें दर्शनशास्त्र सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया गया है। सर्वत्र परमपुरुष परमात्मा का गुणगान किया गया है। परमात्मा के द्वारा ही यह संसार व्याप्त और अनुशंसित है। सत्य की पराकाष्ठा ही ईश्वर का…

  • धरती कब तक घूमेगी

    1. सीता का चरित्र चित्रण करें । उत्तर–सीता एक विधवा पर सहिष्णु महिला थी। वह बहुओं की विषाक्त बातों का कभी उत्तर नहीं देती। वह अपने हृदय को पत्थर कर अपने ही घर में विराना बनकर रह रही थी। बेटों ने उसे एक-एक महीने पाली पर रखा तो वह कुछ। नहीं बोली पर जब उसे…

  • नगर कहानी

    1. वल्लि अम्माल का चरित्र-चित्रण करें। उत्तर – वल्लि अम्माल इस कहानी की प्रधान पात्र है। वह पूर्ण अशिक्षित और वातावरण से अपरिचित भी है। देहाती वातावरण में रहने के कारण मुखर भी नहीं थी। वह पुराने देहात की, पुराने रिवाज में पली नारी थी। उसे अस्पताल का दौड़ और दवाओं का गंध भी असह्य…

  • माँ कहानी

    1 . मंगु के प्रति माँ और परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार में जो फर्क है| उसे अपने शब्दों में लिखें ? उत्तर – मंगु जन्मजात पागल और मूक थी| फिर भी माँ का व्यवहार वात्सल्यपूर्ण था। वह उसे टट्टी| पेशाब कराती| खिलाती और साथ सोलाती थी। किन्तु भाभियाँ उससे घृणा करती थीं। बहन…

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